भोग से मुक्ति का मार्ग दिखाता है योग

मानव सभ्यता आज विकास के चरम पर है । भले ही भौतिक रूप में हमने बहुत तरक्की कर ली हो लेकिन शारीरिक आघ्यात्मिक और सामाजिक स्तर पर लगातार पिछड़ते जा रहे हैं। मनुष्य अपनी बुद्धि का प्रयोग अपने शारीरिक श्रम को कम करने  एवं प्राकृतिक संसाधनों को भोगने के लिए कर रहा है । यह आधुनिक भौतिकवादी संस्कृति की देन

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नवसंवत्सर एक नये सफर की शुरूआत

नव संवत्सर नववर्ष नवरात्रि नवभोर , समय है अपनी जड़ों को पोषित करने का समय है आगे बढ़ने का। नवरात्रि अर्थात् शक्ति स्वरूप माँ के नौ रूपों के पूजन के नौ विशेष दिन। वैसे तो नवरात्रि साल में दो बार आती हैं लेकिन चैत्र मास में पड़ने वाली नवरात्रि का पहला दिन जिसे गुड़ीपड़वा के नाम से भी जाना जाता

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असाधारण चुनाव के असाधारण नतीजे

“हमारा अतीत हमारे वर्तमान पर हावी होकर हमारे भविष्य पर प्रश्न चिह्न लगा देता है ” , एक कटु सत्य । ‘ सबका साथ,सबका विकास ‘ क्या संभव हो पाएगा जब यूपी में होगा योगी का राज ? यूपी  चुनावों के चौंकाने वाले नतीजों से देश के कथित सेकुलर नेता और मीडिया उबर भी नहीं पायी थी कि मुख्यमंत्री के

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महिलाओं का संघर्ष तो माँ की कोख से ही शुरु हो जाता है

हमारी संस्कृति में स्त्री को पुरुष की अर्धांगिनी कहा जाता है। अगर आँकड़ों की बात करें यह तो हमारे देश की आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करती हैं। महिलाओं की स्थिति में सुधार के लिए अनेक कानून और योजनाएं हमारे देश में  बनाई गई हैं लेकिन विचारणीय प्रश्न यह है कि  हमारे देश की महिलाओं की स्थिति में कितना मूलभूत सुधार

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